नए कानून के तहत भांग से दवाइयां, जरूरी तेल और औद्योगिक काम में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल तैयार किया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए फसल में टेट्राहाइड्रोकैनाबिनोल यानी टीएचसी की मात्रा 0.3 प्रतिशत की अंतरराष्ट्रीय तय सीमा के भीतर होनी जरूरी है। वहीं, निजी इस्तेमाल के लिए भांग उगाना और बिना अनुमति के घर पर इसकी खेती करना अभी भी गैरकानूनी रहेगा