जिनीवा स्थित संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को पैलेस ऑफ़ नेशन्स में भारत से आए पाँच युवा मोरों का स्वागत किया. अपने चटख रंगों एवं शाही अन्दाज़ के लिए पहचाने जाने वाले ये मोर, भारत की ओर से उपहार हैं और संयुक्त राष्ट्र परिसर में दशकों से चली आ रही एक अनोखी परम्परा की नई कड़ी हैं. मोरों की मौजूदगी का यह इतिहास इतना पुराना है कि इसकी जड़ें संयुक्त राष्ट्र ही नहीं, बल्कि उसके पूर्ववर्ती संगठन लीग ऑफ़ नेशन्स की स्थापना से भी पहले तक जाती हैं.