मार्केट एक्सपर्ट्स अस्थायी गिरावट की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि खराब नतीजों और खपत में सुस्ती के चलते नियर टर्म में गिरावट जारी रह सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडेक्स में आई 11% की गिरावट को टेक्निकल करेक्शन के रूप में देखा जा रहा है। बाजार में पहले ‘गिरावट पर खरीदारी’ का सेंटीमेंट था, जो अब बदलकर ‘उछाल पर बेचने’ का हो गया है।