सरकार ने यह भी कहा कि जिन मामलों में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है या हिरासत में लिया गया है, उनकी समीक्षा की जाएगी। जो लोग राहत पाने के पात्र होंगे, उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही 13 एफआईआर दर्ज कर चुकी है