सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मेरे पिता प्रोफेसर थे। उन्होंने मुझे बचपन से सिखाया था कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन नकल करना गलत है। कभी भी शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि समाज के जिम्मेदार लोगों का कर्तव्य है कि वे सही मूल्यों को बढ़ावा दें। अगर मेहनत से ज्यादा नतीजों को महत्व दिया जाएगा, तो लोग योग्यता के बजाय शॉर्टकट अपनाने लगेंगे