UP By-Elections: उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर 20 नवंबर को उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है। इसी बीच खबर सामने आई है कि कानपुर के सीसामऊ विधानसभा सीट से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की याचिका पर कल यानी गुरुवार 14 नवंबर को एक अहम फैसला आने वाला है।
दरअसल पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल की थी जिस पर कल फैसला आना है। ये फैसला सुबह 10 बजे के बाद कभी भी आ सकता है। मामले में कोर्ट ने 8 नवंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस सुरेंद्र सिंह की डबल बेंच फैसला सुनाएगी।
इरफान सोलंकी को राहत मिली तो उपचुनाव का क्या होगा?
अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को हाईकोर्ट से राहत मिल जाती है तो क्या सपा नेता की सदस्यता बहाल होगी? अगर कोर्ट से राहत के बाद उनकी सदस्यता बहाल होती है तो सीसामऊ सीट 20 नवंबर को होने वाले उपचुनाव का क्या होगा? बता दें कि इरफान सोलंकी अभी महराजगंज जेल में बंद हैं।
सीसामऊ सीट नसीम सोलंकी हैं सपा की उम्मीदवार
इरफान सोलंकी की सदस्या रद्द होने के बाद समाजवादी पार्टी ने उनकी पत्नी नसीम सोलंकी को कानपुर की सीसामऊ सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनाया है।
हमें उम्मीद हमारे विधायक रिहा होकर हमारे बीच आएंगे – अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने इस(भाजपा) सरकार का प्रतीक बन चुके बुलडोजर के खिलाफ टिप्पणी की है। सरकार के खिलाफ इस फैसले के लिए मैं सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देता हूं… जो लोग घर तोड़ना जानते हैं उनसे आप क्या उम्मीद कर सकते हैं? कम से कम आज उनका बुलडोजर गैराज में खड़ा होगा, अब किसी का घर नहीं टूटेगा… सरकार के खिलाफ इससे ज्यादा टिप्पणी और क्या हो सकती है। हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है, एक दिन हमारे विधायक रिहा होकर हमारे बीच आएंगे और वैसे ही काम करेंगे जैसे पहले करते थे।”
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