(खबरें अब आसान भाषा में)
पहली बार, युद्ध एवं हिंसक टकरावों में बच्चों के विरुद्ध गम्भीर उल्लंघनों के लिए ग़ैर-सरकारी सशस्त्र समूहों की तुलना में, सैनिक और सरकारी बल अधिक ज़िम्मेदार पाए गए. वर्ष 2025 में इन उल्लंघनों से प्रभावित बच्चों की संख्या अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गई.