(खबरें अब आसान भाषा में)
विश्व में कठिन परिस्थितियो से जूझ रहे कुछ देशों व क्षेत्रों में आगामी महीनों में भूख संकट और गहरा होने की आशंका है, और हिंसक टकराव, आर्थिक दबाव और सहायता धनराशि में दर्ज की गई गिरावट से स्थिति बद से बदतर हो रही है.