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ईरान का मानना है कि ट्रंप का व्यवहार काफी अनिश्चित है, यानी वे कब क्या फैसला ले लें, कुछ कहा नहीं जा सकता। ईरान का कहना है कि वे इन बातचीत के दस्तावेजों को इस तरह तैयार कर रहे हैं कि भविष्य में जब ये सार्वजनिक हों, तो दुनिया देख सके कि ईरान ने कितनी समझदारी और तकनीक से बातचीत की थी