प्लांट के पास खेती करने वाले लोगों ने महीनों तक तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की कि फैक्ट्री से निकलने वाला गंदा पानी उनकी जमीन और खुले कुओं को दूषित कर रहा है। प्रदूषण बोर्ड ने Tata Electronics से पूछा है कि नियमों के कथित उल्लंघन के लिए यूनिट की बिजली क्यों न काटी जाए और यूनिट को क्यों न बंद किया जाए