पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को कहा कि वायु प्रदूषण के लिए केवल किसानों को निशाना बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को समझने की जरूरत है ताकि उनका समाधान किया जा सके।
कटारिया ने पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए किसानों को पर्याप्त संख्या में फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
वह यहां पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में ‘जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण के मद्देनजर कृषि खाद्य प्रणालियों में परिवर्तन’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
कटारिया ने पराली जलाने की घटनाओं का संदर्भ देते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि प्रदूषण केवल पंजाब द्वारा फैलाया जाता है।
अक्टूबर और नवंबर में धान की फसल की कटाई के बाद दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने के लिए अक्सर पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराया जाता है।
कटारिया ने कहा, ‘‘दिल्लीवाले कह रहे हैं कि पंजाब से प्रदूषण हो रहा है; लेकिन प्रदूषण केवल पंजाब से नहीं आ रहा है। आज हमारे पास इतने सारे वाहन हैं जो वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं और हमें इसके बारे में भी सोचना होगा।’’
राज्यपाल ने कहा,‘‘केवल पराली जलाने के लिए किसानों को दोष देना सही नहीं है। यह उनकी (किसानों की) मजबूरी है, क्योंकि उन्हें अगली फसल भी बोनी है।’’
कटारिया ने कहा कि पहले दो अलग-अलग फसलों की खेती के बीच अंतराल होता था। उन्होंने कहा, ‘‘पहले धान की फसल मई और जून में बोई जाती थी, लेकिन अब इसे जुलाई और अगस्त कर दिया गया है। जब फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है और किसान को 10 दिन में अगली फसल बोनी होती है, तो वह पराली कहां ले जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र और आपने (पंजाब सरकार) सीआरएम मशीनें दीं, लेकिन ये पर्याप्त संख्या में नहीं हैं।’’
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