(खबरें अब आसान भाषा में)
भारत की साढ़े 7 हज़ार किलोमीटर लम्बी तटरेखा पर महिलाएँ, जलवायु परिवर्तन से प्रभावित समुदायों को नए तरीक़ों से सहारा दे रही हैं. कहीं वे मैन्ग्रोव बहाल कर रही हैं, कहीं धान की खेती को अधिक टिकाऊ बना रही हैं, और कहीं समुद्र से नई आजीविका के अवसर पैदा कर रही हैं.