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यह फैसला देश के करीब 90 प्रतिशत खाद्य तेल उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले बड़े एसोसिएशनों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार में बढ़ते अजीबो-गरीब पैकेट साइज को रोकना है, जिससे ग्राहकों को दो अलग-अलग ब्रांड के तेल की असली कीमत और वजन की तुलना करने में आसानी हो