LIC holding in Rajesh Exports: राजेश एक्सपोर्ट्स एक बार फिर नियामकीय जांच के दायरे में आ गई। इसका असर तगड़ा दिख सकता है क्योंकि देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस एलआईसी की इसमें 10% से अधिक होल्डिंग है तो विदेशी निवेशकों की भी इसमें 14% से अधिक हिस्सेदारी है। जानिए कि सेबी ने इस पर कार्रवाई क्यों की है और इससे पहले कंपनी नियामकीय जांच के दायरे में क्यों आई