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शशि रंजन का कहना है कि हंस पालन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें खर्च बहुत कम आता है। अगर गांव में तालाब, पोखर या कोई छोटा जलाशय हो, तो हंसों को आसानी से पाला जा सकता है। हंस ज्यादातर घास, कीड़े-मकोड़े और छोटी मछलियां खाकर अपना पेट भर लेते हैं, जिससे उनके खाने पर ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता