बाल अधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र समिति ने, अफ़ग़ानिस्तान में सत्तारूढ़ तालेबान द्वारा बाल विवाह को वैध क़रार जाने वाले नए आधिकारिक आदेश की कठोर निन्दा करते हुए उसे अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून का गम्भीर उल्लंघन बताया है. इस फ़रमान के तहत लड़की की चुप्पी को विवाह के लिए उसकी सहमति मान लिया गया है.