(खबरें अब आसान भाषा में)
CBSE की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया कई चरणों में होती है ताकि मार्किंग में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। जिन छात्रों ने पहले अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका की कॉपी मंगवाई है, वे अब उन सवालों को चैलेंज कर सकते हैं जहां उन्हें लगता है कि नंबर देने में गलती हुई है