ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने इस नियम का विरोध करते हुए इसे अपमानजनक और भेदभावपूर्ण बताया है। कराची की ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता जहराइश खानजादी (Zahraish Khanzadi) ने सवाल उठाया कि सिर्फ ट्रांसजेंडर आवेदकों को ही मेडिकल जांच से क्यों गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला उम्मीदवारों से सरकारी नौकरी के लिए अपनी लैंगिक पहचान साबित करने को नहीं कहा जाता