जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में देशों के क़ानूनी दायित्वों के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पारित ऐतिहासिक प्रस्ताव, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून, जलवायु न्याय और विज्ञान में भरोसे की शक्तिशाली अभिव्यक्ति है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को यह प्रस्ताव पारित होने के बाद जारी अपने एक वक्तव्य में यह बात कही है.