चुनाव जीतने के बाद कीर्तना फिर चर्चा में आ गईं, जब उन्होंने लोगों से बातचीत के दौरान हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सी. जोसेफ विजय का संदेश पहुंचाना और पार्टी की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना था। उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु में नई बहस शुरू हो गई। राज्य में हिंदी भाषा हमेशा से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रही है