अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने कहा है कि विदेश में रहने वाले 3 करोड़ 40 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी, केवल एक संख्या भर नहीं हैं; बल्कि वे भारत और अपने मेज़बान देशों दोनों में परिवर्तन, नवाचार और विकास के दूत हैं. IOM ने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन द्वारा यूएन मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय प्रवासियों की कहानी वास्तव में मानव गतिशीलता की शक्ति का एक प्रमाण है.