Mothers day 2026: जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, दुनिया के चेहरे बदलते जाते हैं। जावेद साहब इस ग़ज़ल के ज़रिए एक बहुत गहरी बात कहते हैं। जैसी यही लाइन कि- एक ये दिन जब ज़ेहन में सारी अय्यारी की बातें हैं, एक वो दिन जब दिल में भोली-भाली बातें रहती थीं। क्या आपको नहीं लगता कि झूठ, फरेब, छल, प्रपंच की दुनिया में हमारे बचपन वाली ईमानदारी और भोलापन कहीं खो गया है