(खबरें अब आसान भाषा में)
जब कभी हमारे फ़ोन का नैटवर्क यानि डेटा ग़ायब हो जाता है या फिर घर या कार्यालय में WiFi कनेक्शन ठप हो जाता है तो झुंझलाहट होना स्वभाविक है. मगर सोचें कि जिन डिजिटल साधनों पर हम रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में पूरी तरह निर्भर हैं, वो अगर पूरी तरह ठप हो जाएँ तो क्या होगा.