Maharashtra Elections: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को भाजपा नेताओं की ‘वोट जिहाद’ टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या वे प्रधानमंत्री के अरब देशों के दौरे के समय भी इसी भाषा इस्तेमाल करते हैं। हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने सत्तारूढ़ पार्टी पर महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या जैसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में औरंगाबाद मध्य निर्वाचन क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं से बातचीत की।
एआईएमआईएम ने इस निर्वाचन क्षेत्र से नसीर सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में शिवसेना के मौजूदा विधायक प्रदीप जायसवाल और शिवसेना (यूबीटी) के बालासाहेब थोराट से है। ओवैसी ने पूछा, ‘‘उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य में ‘वोट जिहाद’ की बात कर रहे हैं। लेकिन क्या वे उसी भाषा का इस्तेमाल तब भी करते हैं जब प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) अरब देशों का दौरा करते हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) संभाग में 324 किसान आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन कोई इसकी चर्चा नहीं करता है। ओवैसी ने कहा, ‘‘इसके बजाय, फडणवीस को ‘वोट जिहाद’ याद आ रहा है। वे सिर्फ एक समुदाय को निशाना बना रहे हैं। उन्हें जवाब देना चाहिए कि वे मराठा समुदाय के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने में विफल क्यों रहे।’’ उन्होंने मराठाओं, मुसलमानों और दलितों से एकजुट रहने की भी अपील की। ओवैसी कहा, ‘‘महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए यह समय की मांग है कि मराठा, मुस्लिम और दलित एकजुट रहें तथा सद्भाव से रहें।’’
औरंगाबाद मध्य विधानसभा सीट राज्य के मराठवाड़ा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां कार्यकर्ता मनोज जरांगे शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। महाराष्ट्र में कुछ एनजीओ द्वारा ‘वोट जिहाद’ का प्रचार करने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि कानून का पालन करते हुए कोई भी चुनाव प्रचार कर सकता है। उन्होंने पूछा, ‘‘इसमें ‘जिहाद’ कहां से आ गया?’’ फडणवीस ने विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीट में से 14 सीट पर ‘‘वोट जिहाद’’ देखा गया।
एमवीए में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘धुले लोकसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार पांच विधानसभा क्षेत्रों में 1.9 लाख मतों से आगे थे। लेकिन मालेगांव मध्य विधानसभा सीट पर हुए मतदान के कारण हमारे उम्मीदवार सिर्फ 4,000 मतों से चुनाव हार गए।’’ उन्होंने इसे ‘वोट जिहाद’ करार दिया था।
(PTI की खबर में सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया गया है)