कज़ाख़स्तान का सेमिपालातिंस्क (Semipalatinsk) इलाक़ा कभी सोवियत संघ का प्रमुख परमाणु परीक्षण स्थल हुआ करता था. आज, जब दुनिया में परमाणु ख़तरों में फिर से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है, ऐसे समय में वर्ष 2006 में मध्य एशियाई देशों द्वारा परमाणु हथियारों का परित्याग करते हुए किए गए सेमिपालातिंस्क समझौते की प्रासंगिकता और भी अधिक बढ़ गई है.