Himachal Pradesh Samosa Controversy: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) को जब समोसे नहीं मिले तो उसकी जांच करा डाली। जब मामला बाहर निकलकर आया है तो कांग्रेस सरकार ( Congress Govt) की खूब किरकिरी हो रही है। ‘टॉयलेट टैक्स’ लगाने वाली कांग्रेस सरकार को भारतीय जनता पार्टी के नेता घेर रहे हैं। यही नहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को बिना समोसे के रह गए और यहां भारतीय जनता पार्टी के नेता ‘समोसा’ पार्टी ( BJP Samosa Party) करके मजे ले रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में समोसा विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) ने कार्यकर्ताओं को दावत पर बुला लिया और उन्हें समोसे परोसे गए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर परोक्ष रूप से तंज के रूप में ये समोसा पार्टी चली। बकायदा वीडियो बनाया गया और फिर उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। वीडियो में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी (Mandi) में बीजेपी नेताओं के साथ समोसे का आनंद ले रहे हैं।
सरकार हिमाचल में बिना सोचे समझे फैसला कर रही- जयराम
समोसा विवाद पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कहते हैं- ‘कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री (सुखविंदर सिंह सुक्खू) पुलिस मुख्यालय एक कार्यक्रम में गए थे। वहां कुछ समोसे मंगाए गए थें लेकिन वो समोसे जहां (सीएम सुक्खू के लिए) पहुंचने चाहिए थे, वहां नहीं पहुंचे। मामले में जांच के आदेश दिए गए। रिपोर्ट दी गई। 5 पुलिस कर्मियों को दोषी पाया गया है। हैरानी की बात है कि इस घटना को सरकार विरोधी गतिविधि बताया गया है। कांग्रेस सरकार हिमाचल प्रदेश में बिना सोचे समझे फैसला कर रही है, इसी का ये परिणाम है। टॉयलेट टैक्स इसका एक और उदाहरण है।’
समोसा विवाद पर CM सुक्खू की सफाई
हिमाचल प्रदेश में जब मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने अपनी सफाई दी। कथित ‘सरकार विरोधी’ कार्रवाई पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि जांच दुर्व्यवहार के मुद्दे पर थी। सुखू ने एएनआई से कहा कि, ‘ऐसा कुछ नहीं है। ये (CID) दुर्व्यवहार के मुद्दे पर शामिल थी, लेकिन आप (मीडिया) ‘समोसा’ के बारे में खबर चला रहे हैं।’ इसके अलावा, संजीव रंजन ओझा, डिप्टी जनरल सीआईडी ने कहा कि ये सीआईडी का आंतरिक मामला है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। ओझा ने कहा ‘ये पूरी तरह से CID का आंतरिक मामला है। इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। सीएम समोसे नहीं खाते,हमने किसी को नोटिस नहीं दिया है। हमने सिर्फ ये कहा है कि पता लगाएं कि क्या हुआ। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हम पता लगाएंगे कि ये जानकारी कैसे लीक हुई।’
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