भारत के समुद्री खाद्य क्षेत्र ने रणनीति बदली, नियमों को सुदृढ़ किया होकर दुनिया के दूसरे मुल्कों के बाजारों के साथ जुडे। इससे अमरीकी टैरिफ के झटके जैसे बाहरी व्यवधानों को प्रभावी ढंग से कम करने में मोदी सरकार सफल रही। नतीजा ये रहा कि लगातार निर्यात वृद्धि हुई और भारत बढ़ी हुई वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी खुद को ढालने में सफल रहा। फ्रोजन झींगा यानि श्रीम्प मुख्य विकास का मुख्य आधार बना रहा, जिसने कुल निर्यात आय के दो-तिहाई से अधिक का योगदान करते हुए ₹47,973.13 करोड़ (5.51 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया