(खबरें अब आसान भाषा में)
Hormuz Disruption: भारत अपने कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है। पश्चिम एशिया संकट का असर देश के ऊर्जा आयात पर पहले से ही दिखाई दे रहा है। अगर रुकावटें बनी रहती हैं, तो ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100-110 डॉलर प्रति बैरल की सीमा में बनी रहने की संभावना है