DY Chandrachud: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने ‘लास्ट वर्किंग डे’ पर अपनी कुर्सी छोड़ते हुए भावुक हो गए। डीवाई चंद्रचूड़ का चीफ जस्टिस के रूप में कार्यकाल पूरा हो गया है और आज उनके कार्य दिवस का आखिरी दिन था। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को शुक्रवार को न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त होने पर सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक विदाई दी गई। अपने साथी जजों के बीच बैठे डीवाई चंद्रचूड़ बातों को सुनकर और कुछ पुराने पलों को याद करके भावुक हो गए और अपने आसुंओं को पोंछा। उसके बाद हाथ जोड़ते हुए और पूरी गर्दन नीचे झुकाते हुए उन्होंने विदाई ली।
सीजेआई चंद्रचूड़, जिन्होंने दो साल पहले नवंबर में देश के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाला था, उनके अंतिम कार्य दिवस के मौके पर आज एक विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व भारत के मनोनीत मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने किया। जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने डीवाई चंद्रचूड़ प्रशंसा की और उनके साथ काम करने की यादें ताजा कीं।
चंद्रचूड़ के समोसे के प्रति प्रेम का भी जिक्र
जस्टिस संजीव खन्ना ने हल्के-फुल्के पल साझा किए, जिसमें उन्होंने सीजेआई चंद्रचूड़ के समोसे के प्रति प्रेम का जिक्र किया और बताया कि कैसे अंतरराष्ट्रीय न्यायाधीशों ने भी उनके आकर्षण और अच्छे लुक्स की तारीफ की है, जिससे वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान और हंसी की लहर दौड़ गई। हल्के-फुल्के पलों में कई वकीलों ने CJI के ‘युवावस्था के रहस्य’ के बारे में अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ की ‘पूर्ण निष्पक्षता’ की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘हमें हमेशा आपके सामने पेश होने में खुशी महसूस होती है। आपकी न्याय के वितरण में पूरी निष्पक्षता के कारण हमें कभी भी संकोच नहीं हुआ। मैं ये कहने की स्वतंत्रता लेता हूं कि डीवाई चंद्रचूड़ को याद किया जाएगा।’
सीजेआई चंद्रचूड़ ने क्या कहा?
अपने अंतिम दिन को याद करते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, ‘रात को मैं सोच रहा था कि दोपहर 2 बजे कोर्ट खाली हो जाएगा और मैं स्क्रीन पर खुद को देख रहा होऊंगा। आप सभी की मौजूदगी से मैं अभिभूत हूं। हम यहां तीर्थयात्री के रूप में हैं, कुछ समय के लिए पक्षी हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं। अलग-अलग विचारों वाले अलग-अलग लोग संस्था को आगे बढ़ाएंगे।’
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