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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “एक अल्पसंख्यक संस्थान की स्थापना की जानी चाहिए और उसके प्रशासनिक कामकाज भी अल्पसंख्यकों को ही देखने चाहिए।” इसके साथ ही शीर्ष अदालत का कहना है कि AMU अल्पसंख्यक दर्जे का मुद्दा रेगुलर बेंच के जरिए ही तय किया जाएगा