बढ़ते भूराजनैतिक तनावों की पृष्ठभूमि में विश्व एक संकट भरे क्षण का सामना कर रहा है और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून की अवहेलना के इस दौर में नियम-आधारित व्यवस्था व यूएन चार्टर के प्रति फिर से संकल्प जताया जाना होगा. संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम अधिकारी ने अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) की स्थापना की 80वीं वर्षगाँठ पर आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह पुकार लगाई है.