आज की दुनिया में, डिजिटल उपकरण हर क्षेत्र में कामकाज के तरीके़ को बदल रहे हैं, चाहे वह शरणार्थियों की निगरानी हो या बुज़ुर्गों की देखभाल. मगर, जनसंख्या के भविष्य पर इस सप्ताह यूएन मुख्यालय में हो रही चर्चा के दौरान दो बड़ी चुनौतियाँ उभरकर सामने आई हैं: वित्तीय कमी और नई तकनीक तक पहुँच रखने वालों व उससे वंचित लोगों के बीच बढ़ता अन्तर.