वर्ष 2025 में, 21 देशों में अपने दायित्व को निभा रहे कम से कम 326 मानवीय सहायताकर्मियों की मौत हुई और पिछले 3 वर्षों के दौरान अपनी जान गँवाने वाले मानवतावादियों का आँकड़ा 1 हज़ार को पार कर चुका है. आपात राहत समन्वयक टॉम फ़्लैचर के अनुसार, वर्तमान स्थिति दर्शाती है कि हम युद्ध की वजह से अपनी मानवता को खोते जा रहे हैं.