पाकिस्तान की एक अदालत ने 13 वर्षीय ईसाई लड़की मारिया शाहबाज को उसके अपहरणकर्ता और जबरन धर्मांतरण कराने वाले व्यक्ति को सौंप दिया है। अदालत ने माता-पिता का जन्म प्रमाण पत्र मान्यता नहीं दी, जिससे परिवार स्तब्ध है। यह फैसला अल्पसंख्यक नाबालिग लड़कियों पर हो रहे अत्याचारों और न्याय की कमी को उजागर करता है