Jaggi Murder Case: कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि, निचली अदालत द्वारा दिया गया बरी करने का निर्णय कानून के अनुसार सही नहीं था और यह उपलब्ध सबूतों के खिलाफ था, इसलिए इसे रद्द किया जाता है। इसके बाद अदालत ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी माना और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई