Yashoda-Krishna Painting: राजा रवि वर्मा पहले भारतीय कलाकार थे जिन्होंने लिथोग्राफ के जरिए अपनी कलाकृतियों का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन किया। इसी वजह से ‘यशोदा और कृष्ण’ की छवि कैलेंडरों, मंदिरों और आम घरों की दीवारों तक पहुंची। यह पेंटिंग केवल एक आर्ट गैलरी का हिस्सा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की स्मृतियों और श्रद्धा का हिस्सा है