Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने लाइट मोटर व्हीकल यानी LMV लाइसेंस धारकों से जुड़े मामले पर अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने फैसला दिया है कि हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाला व्यक्ति 7500 किलो से कम वजन वाले परिवहन वाहन चलाने का हकदार है। शीर्ष अदालत ने अपने 2017 के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें हल्के मोटर वाहन लाइसेंस धारकों को 7500 किलोग्राम तक वजन वाले परिवहन वाहन चलाने की अनुमति दी गई थी। इसी फैसले के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटना की घटनाओं को गंभीर मसला बताया और ये भी बताया कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 2023 में 1.7 लाख लोगों की मौत हुई।
सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने इस कानूनी सवाल पर अपना फैसला सुनाया है कि क्या लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) लाइसेंस धारक चालक 7500 किलोग्राम तक के वजन वाले कमर्शियल वाहन को चलाने का अधिकार है या नहीं है। 5 सदस्यीय बेंच में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा जस्टिस ऋषिकेश रॉय, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं। इस मुद्दे पर सीजेआई की अगुवाई वाली संविधान पीठ ने 21 अगस्त को सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
‘दुर्घटनाओं के लिए सिर्फ हल्के वाहन चालक कारण नहीं’
LMV लाइसेंस धारकों से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि सड़क सुरक्षा विश्व स्तर पर एक गंभीर मसला है और भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 2023 में 1.7 लाख लोगों की मौत हुई। कोर्ट ने कहा कि ये कहना कि ये सब हल्के वाहन चालकों के कारण हुआ, ये निराधार है। इसके पीछे सीट बेल्ट नियमों का पालन ना करना, मोबाइल का उपयोग, नशे में होना जैसे कारण हैं। वाहन चलाने के लिए विशेष स्किल्स की जरूरत होती है और सड़क की परिस्थितियों से निपटने के लिए ध्यान देने और ध्यान भटकाने से बचने की जरूरत होती है।
बीमा दावा भी कर सकेंगे LMV लाइसेंस धारक
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए सिर्फ लाइट मोटर व्हीकल लाइसेंस धारकों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। दुर्घटनाओं की दूसरी वजह भी हैं। पीठ ने अपने फैसले में कहा कि LMV (लाइट मोटर व्हीकल) लाइसेंस धारक 7500 किलो से हल्के ट्रांसपोर्ट वाहन चला सकते हैं। अदालत का फैसला हल्के वाहन चालकों के लिए बीमा दावा करने में भी मदद करेगा, जो 7500 किलोग्राम से कम वजन वाले वाहन चलाते हैं। कोर्ट ने कहा कि दुर्घटना होने पर बीमा कंपनियां क्लेम देने से मना नहीं कर सकेंगी।
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