विश्व भर में, 1 अरब से अधिक लोग शरणार्थियों या प्रवासियों के तौर पर अपने घरों से दूर रहे हैं, जिन्हें युद्ध, आपदाओं, निर्धनता, बेहतर आर्थिक अवसरों, या शिक्षा जैसी अन्य कई ज़रूरतों की वजह से अन्य स्थानों का रुख़ करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इस आबादी की स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को अपनी राष्ट्रीय नीतियों व क़ानूनों में जगह देने वाले देशों की संख्या बढ़ रही है.