RCB को खरीदने में कई बड़े निवेशकों की दिलचस्पी थी। रंजन पाई के नेतृत्व वाले एक समूह ने भी बोली लगाई थी, जिसे कोहलबर्ग क्रैविस रॉबर्ट्स और टेमासेक का समर्थन मिला था। इसके अलावा EQT और प्रेमजी इन्वेस्ट का एक अलग समूह भी इस रेस में शामिल था। बिड़ला, ब्लिट्जर, ब्लैकस्टोन और टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) का गठबंधन अपनी मजबूत बोली के चलते सबसे आगे निकल गया