(खबरें अब आसान भाषा में)
Middle East War: इस रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब को पाकिस्तान की न्यूक्लियर ताकत का भी सहारा मिल सकता है, जिससे वह अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम कर सके और ईरान के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत कर सके। पाकिस्तान के लिए ईरान से टकराव बहुत जोखिम भरा हो सकता है