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चूंकि यह रकम ‘मैटेरियलिटी थ्रेसहोल्ड’ से ज्यादा है, इसलिए बैंक ने इस घटनाक्रम की जानकारी अपने स्टेकहोल्डर्स को दी है। SBI ने साफ किया कि इस आदेश का उसके कामकाज या दूसरी कारोबारी गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा