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जियोपॉलिटिकल टेंशन सहित किसी बड़ी क्राइसिस से शेयर बाजार में कुछ समय के लिए बड़ी गिरावट आती है। लेकिन, इसका असर लंबी अवधि में शेयर बाजार के प्रदर्शन पर नहीं पड़ता है। इतिहास बताता है कि हर बड़ी गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी आई है। 2020 में कोविड इसका उदाहरण है