मध्य पूर्व में जारी युद्ध के प्रभाव खाड़ी क्षेत्र से कहीं दूर तक महसूस किए जा रहे हैं, और एशिया व प्रशान्त क्षेत्र भी इनसे अछूते नहीं है. ईंधन की आपूर्ति, व्यापारिक जहाज़ों की आवाजाही और आवश्यक सामान की सप्लाई चेन में आए व्यधान से, पहले से ही नाज़ुक स्थिति से जूझ रही अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है. क़ीमतों में उछाल, आवश्यक सामान की क़िल्लत, रोज़गारों व खाद्य सुरक्षा पर जोखिम से नई चुनौतियाँ उपज रही हैं.