(खबरें अब आसान भाषा में)
बता दें कि 28 फरवरी को ईरानी पोत ने भारत से संपर्क किया था। पोत में तकनीकी दिक्कत होने के कारण कोच्चि पोर्ट पर डॉकिंग का अनुरोध किया है। 1 मार्च को डॉकिंग की अनुमति मिल गई थी। इससे पहले अमेरिका ने श्रीलंका के करीब अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी नौसेना पोत IRIS देना को टॉरपीडो से डुबो दिया था