सरकारी आदेश के मुताबिक, भारत में काम कर रही सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि उनके पास मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन (जो LPG के मुख्य घटक हैं) का अधिकतम इस्तेमाल LPG बनाने में किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि तैयार की गई LPG को केवल तीन सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों—IOCL, HPCL और BPCL—को ही उपलब्ध कराया जाए