दुनिया भर में, एक अरब से अधिक लोग मोटापे की अवस्था में जीवन गुज़ार रहे हैं, जिससे उनके हृदयवाहिनी रोग, डायबिटीज़, कैंसर, श्वसन व पाचन तंत्र समेत अन्य बीमारियों की चपेट में आने का जोखिम बढ़ जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि अगर कड़े क़दम नहीं उठाए गए, तो मोटापे से प्रभावित लोगों की संख्या, 2030 तक दोगुनी हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी दबाव पड़ेगा, और प्रति वर्ष 3 हज़ार अरब डॉलर का आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ सकता है.