एनालिटिक्स कंपनी केप्लर के मुताबिक, 1 मार्च को इस रास्ते से भारत की ओर जाने वाला कोई भी तेल टैंकर नहीं देखा गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश का करीब 50 प्रतिशत मासिक कच्चा तेल और लगभग पूरी एलपीजी सप्लाई इसी अहम समुद्री मार्ग से होकर आती है। ऐसे में अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसका सीधा असर भारत की ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है