अपने घरों और देशों से, बेहतर जीवन की तलाश में निकलने वाले लोगों को अक्सर इस यात्रा की भारी क़ीमत चुकानी पड़ती है, इतनी भारी क़ीमत की कभी-कभी तो उनकी जान ही जोखिम में पड़ जाती है. वर्ष 2025 के दौरान, ऐसे ही सफ़र पर निकले प्रवासियों में से कम से कम 7 हज़ार 667 प्रवासी या तो मौत के शिकार हो गया या लापता.