अमेरिकी अधिकारियों द्वारा उनके देश में अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों के एक समूह को निर्वासित करने के कुछ दिनों बाद नयी दिल्ली ने शनिवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि आवागमन और प्रवास पर भारत-अमेरिका के बीच सहयोग से ‘‘हम अवैध आव्रजन को रोक सकेंगे।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत प्रवास और आवागमन पर अमेरिका के साथ ‘‘नियमित रूप से वार्ता’’ करता है।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने पिछले सप्ताह एक बयान में कहा, ‘‘22 अक्टूबर को, डीएचएस ने अमेरिकी आव्रजन एवं सीमाशुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के माध्यम से, उन भारतीय नागरिकों को निर्वासित करने के लिए एक बड़ी निजी उड़ान का संचालन किया, जिनके पास अमेरिका में रहने के लिए कोई वैध कानूनी आधार नहीं था।’’
विभाग ने कहा था कि इस सप्ताह की उड़ान अनियमित प्रवासन को कम करने और रोकने तथा मानव तस्करी से निपटने के लिए संयुक्त रूप से काम करने के वास्ते भारत सरकार और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ ‘‘निरंतर सहयोग’’ करने की विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एक सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा, ‘‘आपने देखा होगा कि हाल ही में अमेरिका से कुछ लोगों को निर्वासित करके स्वदेश भेजा गया है। हम प्रवास और आवागमन पर अमेरिका के साथ नियमित रूप से बातचीत करते हैं। और इसका उद्देश्य कानूनी रूप से वैध प्रवास के लिए और अधिक अवसर पैदा करना है।’’
अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया था कि अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे करीब 1,100 भारतीय नागरिकों को 30 सितंबर को समाप्त होने वाले अमेरिकी वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान निजी और वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए वापस स्वदेश भेजा गया।