कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सुकांता मजूमदार ने कहा कि कागज़ों में कानून सख्त है, लेकिन ज़मीन पर उसे लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखती। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहा। वोटर लिस्ट अब तक पूरी तरह फाइनल न होना भी इसी असहयोग का नतीजा है